बिल्हा जनपद पंचायत में घोटाले पर घोटाला, जिला पंचायत के अधिकारी जांच पर जांच बिठाकर कर रहे खानापूर्ति!
भ्रष्ट बिल्हा जनपद पंचायत सीईओ व महमंद सचिव ने मिलीभगत से किया 10 लाख फिर गबन!

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बिलासपुर। बिलासपुर जिले की पंचायतों में ग्रामीण विकास के लिए आने वाली वित्त की राशि की हेरा फेरी लगातार जारी है और इसका खुलासा ऑडिट के माध्यम से होता है लेकिन और डेट को लेकर भी जिला पंचायत के अधिकारी पंचायतों को सरकारी नियम मानने के लिए कोशिश ही नहीं करते। इस बार गबन का मामला जनपद पंचायत बिल्हा के ग्राम पंचायत महमंद में 14 वे 15 वे वित्त आयोग के 10 लाख रुपए सामने आया हैं। जिसकी शिकायत सरपंच ने की और जिला पंचायत की सामान्य सभा में मुद्दा जमकर उठाया गया।


सरपंच गणेशी निषाद की शिकायत के बाद जिला पंचायत सीईओ ने 3 सदस्य की कमेटी बनाकर जांच बिठा दी है। माना जा रहा है कि बिल्हा ब्लॉक में 10 से अधिक ऐसे पंचायत है जहां 14 वे व 15 वे वित्त आयोग के करोड़ों रुपए का गबन किया गया है। अगर सभी पंचायतों में इसकी जांच हो तो कई बड़ी गड़बड़ियां सामने आएगी।
ग्राम पंचायत महमंद के सरपंच ने जिला पंचायत सीईओ से शिकायत कर तत्कालीन सचिव गंगे निर्मलकर पर 14 वें वित्त से 3 लाख और 15 वे वित्त से 7 लाख गबन करने की शिकायत की थी। जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में यह मुद्दा उठा था।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ हरीश एस ने 3 सदस्य की कमेटी बनाकर जांच बिठा दी है। कमेटी को मामले की जांच कर 7 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

विवादित जनपद सीईओ को किसका मिल रहा संरक्षण!
बिल्हा ब्लॉक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.आर.वर्मा हमेशा विवादित रहे चाहे वह बीजीआरएफ की योजना हो, आवास मित्र का भुगतान हो या 14 वें 15 वें वित्त में कमीशनखोरी या महमंद में 10 लाख का गबन हो। आज तक दोषियों को अभयदान और कार्रवाई के नाम पर मजबूरी में जिला पंचायत ने जांच टीम गठित कर खानापूर्ति की। जांच की रिपोर्ट का ना आना भी जांच टीम व जिला पंचायत की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। ऐसे में जनहित के मुद्दे को लेकर जिला पंचायत सामान्य सभा के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े होते हैं। और जिला पंचायत के बड़े अधिकारी केवल जांच के नाम पर समय बीतने की रास्ता देखते हैं।

इसी तरह अब ग्राम पंचायत महमंद में भी 10 लाख गबन पर नीरज तिवारी सहायक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा,नरेंद्र जयसवाल जिला समन्वयक आरजीएएस जिला पंचायत,एमडी रमेश तकनीकी सहायक जिला पंचायत की टीम गठित कर जांच बिठा दी गई हैं। अब देखना होगा किस जांच का निर्णय क्या निकल कर आता है और भ्रष्ट कमीशनखोर अधिकारियों पर कब तक कार्रवाई की जाती है?

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