गर्भवती हथनी की करेंट से दर्दनाक मौत, बिजली विभाग है जिम्मेदार.!?

Spread the love

11 केवी के हाईटेंशन तार की चपेट में आई माँ, बच्चे ने पैदा होने से पहले दम तोड़ा, कौन है जिम्मेदार.?

बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से जहां एक और एक हाथी का बच्चा इस दुनिया को नहीं देख सका वही गर्भवती मादा हाथी बच्चे को जन्म देने के पहले ही इस दुनिया से रुखसत हो गई,, इस घटना के बाद इलाके में शोक व्याप्त है,, दरअसल यह पूरा मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परीक्षेत्र का है,,

विभाग के अधिकारियों ने पोस्टमार्टम के लिये की व्यवस्था।

जहां दरहोरा गांव के पास 11 केवी के हाईटेंशन तार के चपेट में आने से मादा हाथी की मौत हो गई, हाथी के बाद जब उसका पोस्टमार्टम किया गया तब उसके पेट से एक मैच्योर बच्चा निकला, जिस को देखकर डॉक्टर ने बताया कि यह मादा हाथी 3 से 4 महीने में इस बच्चे को जन्म देने वाली थी,, जानकारों की मानी जाए तो इस पूरे मामले में विद्युत विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का भी अवमानना किया है,, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार अभ्यारण इलाके में हाईटेंशन तार इंसुलेटेड होना चाहिए या कार की ऊंचाई कम से कम 4 से 5 मीटर होनी चाहिए, जबकि इस इलाके में यह हाईटेंशन तार लगभग 2 मीटर ऊंचाई पर ही मौजूद था, जो इस हादसे की वजह बना, हाथी के इस नवजात बच्चे का शव देखकर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई, क्षेत्रवासी इस घटना को लेकर काफी दुखी हैं,, हम आपको बता दें कि जिले में बिजली की चपेट में आने से हाथी की मौत का यह पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में ही करंट लगने से कई हाथियों की जान जा चुकी है, जिसमें एक गर्भवती मादा हाथी भी शामिल है, उसके पोस्टमार्टम में भी एक मैच्योर नवजात मिला था, जिसका जन्म 2 माह बाद होना था,, लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग के द्वारा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई दावे किए जाते हैं, लेकिन वन विभाग के द्वारा अभी तक कोई ऐसी पहल नहीं की गई है जिससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगाया जा सके,, यह इलाका पिछले कई वर्षों से हाथियों की समस्या का दंश झेल रहा है यहां एक बात बताना जरूरी है कि जिले का प्रतापपुर इलाका राजनीतिक मायने में भी बहुत महत्वपूर्ण है, प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक प्रेमसाय सिंह टेकाम है प्रदेश में शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर हैं, इनके पूर्व प्रतापपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व प्रदेश के तात्कालिक गृहमंत्री रामसेवक पैकरा कर रहे थे,, बावजूद इसके आज तक किसी भी दल के नेता ने इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या हाथी से निजात दिलाने के लिए कोई बड़ा प्रयास नहीं किया है,, यही वजह है कि इस इलाके में मानव और हाथी का द्वंद आम बात हो चली है,

Related posts