रावण दहन को लेकर याचिका पर सुनवाई, पुरानी समिति करेगी दहन, शासन सुरक्षा का करे इंतजाम..

फील्ड रिपोर्ट बिलासपुर। रावण दहन को लेकर लगी याचिका पर उच्च न्यायालय बिलासपुर में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस भादुरी की पीठ द्वारा की गई। पुरानी समिति की तरफ से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता देवर्षी ठाकुर ने की। कोर्ट ने आदेश दिया कि पुरानी समिति जो वर्षों से करती आ रही वही आयोजन को करेगी।

मामला दुर्ग के खुर्सीपार का है। अधिवक्ता देवर्षी ने बताया कि महापौर और विधायक देवेंद्र यादव ने सालों से रावण दहन के लिए गठित समिति की मान्यता को एसडीएम द्वारा रद्द करा दिया था। रावण दहन के लिए देवेंद्र यादव ने अपने करीबी लोगों की समिति को अनुमति दी थी। जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुरानी समिति को ही रावण दहन के लिए अनुमति दे दी है। कहा कि धार्मिक कार्यों में राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। रावण दहन की अनुमति और शासन को निर्देश दिया कि पुरानी समिति का सहयोग किया जाए । सेल कंपनी की तरफ से सौरभ पांडेय और शासन की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता आलोक बक्शी ने पैरवी की।

अधिवक्ता देवर्षी ठाकुर ने बताया सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुरानी समिति को ही रावण दहन के लिए अनुमति दे दी है। कहा कि धार्मिक कार्यों में राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। रावण दहन की अनुमति और शासन को निर्देश दिया कि पुरानी समिति का सहयोग किया जाए ।

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