भूपेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अधिकारियों की कारगुजारियां भारी.. मस्तूरी विधायक बांधी ने सरकार पर लगाये गंभीर आरोप..

फील्ड रिपोर्ट बिलासपुर। प्रदेश की भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़िया संस्कृति और ग्रामीण विकास की अवधारणा को पूरा करने के लिए जिस विकास योजना को शुरू किया था। उस नरवा गरवा घुरवा बारी को अस्तित्व में आने से पहले ही अधिकारियों की लापरवाही के कारण पलीता लग रहा है।

मामला मस्तूरी जनपद के ग्राम पंचायत लोहर्सी का है। जहां दर्जनों गाय भूख प्यास से मर गईं। जिला, जनपद स्तर के अधिकारियों और पशु विभाग की कार्यशैली संदेहास्पद है। सरकार के सामने वाहवाही लूटने के लिए गौठान का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन मवेशियों के लिये चारा का कोई व्यवस्था नही होने से दर्जनों गाय के साथ नवजात बछड़ों की मौत हो गयी है। घटना के बाद सियासी बयानबाजी सामने आने लगी है।

मस्तूरी विधायक डॉ कृष्ण मूर्ति बांधी ने सरकार की आलोचना करते हुए गंभीर आरोप लगाए। सरकार गोठान को लेकर प्रशासन के बीच रीति, नीति और अपनी नियत को साफ करें। क्योंकि प्रदेश में गौठान अब गौठान नहीं रहे। बल्कि मौत का गौठानशाला बनकर रह गया है।

गौठान में स्तिथि ऐसी की मरी हुई गाय और बछड़ों का मांस कुत्ते दिन भर नोचकर खाते रहे। जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रसाशन मौके पर पहुंचा। लेकिन मरने के कारणों की जांच के वजाय अधिकारी अपनी गलतियों को छिपाते ज्यादा नजर आए। कृषि और पशुपालन विभाग को गौठान में पशुओं की देखरेख के लिए जिम्मेदारी दी गई हैं। गुरूवार को दोपहर लोगों ने पंच सरपंच और जनपद पंंचायत सीईओ डीआर जोगी समेत एसडीएम मोनिका वर्मा को बताया कि लोहर्सी के गौठान में गायों की मौत हो गयी है। मामले को तात्कालीन समय स्थानीय प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।

ग्रामीणों ने बताया जनपद पंचायत सीईओं और अन्य गुपचुप तरीके से लोहर्सी पहुंचे। आनन फानन में अधिकारियों ने मरी हुई गायों को ठिकाने लगाने का आदेश दिया। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कर गौठान के पास ही खाली जमीन में जेसीबी की मदद से दफना दिया गया। इस मामले में जिला पंचायत सीईओ रितेश अग्रवाल का कहना हैं कि मवेशियों की मौत भूख से हुई। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्यवाही की जाएगी। जबकि जिम्मेदार विभाग के कोई भी अधिकारी नही पहुचने उनका कहना हैं कि पशु विभाग मौजूद है। ग्रामीणों का कहना है चारे और अन्य का व्यवस्था से मौतें हुईं है। ग्रामीणों की माने तो करीब 22 मवेशी की मौत होने की बात सामने आ रही हैं। फिलहाल इस मामले में कलेक्टर जांच और अधिकारी गौठान में इन मौतों के नहीं होने की बात कह रहे हैं।

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