हरेली के सरकारी कार्यक्रम में बेजुबान जानवरों से हुई अमानवीयता..! पानी तक के लिये तरसे मवेशी… मंच से सीएम भूपेश ने कहा सरकार कर रही पानी से लेकर छाया तक की व्यवस्था

*बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट “नरवा गरवा घुरवा और बारी” की चर्चा पूरे प्रदेश में है। लेकिन इसके लिए बेजुबान जानवरों को पूरे दिन भूखे प्यासे रखा जाना किसी भी तरह मानवीय नहीं माना जा सकता।*

सरकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महकमे के लोग इन जानवरों को आयोजन स्थल तक लाया और भूखे प्यासे रख उनका प्रदर्शन कराया। जनपद अधिकारी, पशुपालन और अन्य विभागों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बेजुबान जानवरो का डेमोंस्ट्रेट किया जाता है । लेकिन इनके लिए ना तो चारे की व्यवस्था की जाती है और ना ही पीने की पानी की। हरेली कार्यक्रम खत्म होते ही जैसे ही मुख्यमंत्री के अपने हेलीकॉप्टर से उड़ते ही, तुरंत सरकारी वाहन इन बेजुबान गायों और बछड़ों को वाहनों में ठूंस-ठूंसकर भरकर गांव में छोड़ आते हैं। इस दृश्य के ठीक उलटे सीएम भूपेश बघेल इस योजना को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ने का दावा मंच पर करते हैं। हालांकि, सीएम मंच से चारा घोटाले का भी जिक्र करते हैं और कहते हैं कि उनकी सरकार चारे पर खर्च नही करेगी।

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