फ्लॉप हो जाएगा मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट ! सरपंच और जनप्रतिनिधियों को नहीं हुआ है एक पैसे का भुगतान, सीएम भूपेश करने वाले हैं 26 गौठानों का लोकार्पण


बिलासपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट ” नरवा गरवा घुरवा और बारी” को लेकर अधिकारियों और जिम्मेदार आला अफसरों में अब भी अनभिज्ञता बरकरार है। मसलन जिला कलेक्टर को ही यह मालूम नहीं कि आखिरकार मुख्यमंत्री कितने गौठान का लोकार्पण करेंगे ।

वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण के पूर्व ही इन गौठानों का निर्माण करने वाले पंच, सरपंच और जनप्रतिनिधियों ने इस के फ्लॉप होने की भविष्यवाणी कर डाली है। दरअसल 1 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल बिलासपुर जिले तखतपुर के नेवरा पहुंचेंगे। और सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ” नरवा गरवा घुरवा और बारी” का लोकार्पण भी करेंगे। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के प्रयास से कुल 26 गौठनों का लोकार्पण किया जाना है। लेकिन बिलासपुर के जिला कलेक्टर संजय अलंग को इसकी जानकारी नहीं है। उनकी मानें तो उनका कार्यक्रम हरेली पर्व को लेकर है। इसलिए उनके पास ही बैठे उनके अधीनस्थ अधिकारी ने उन्हें अपडेट किया और बताया कि मुख्यमंत्री कुल 26 गौठानों का लोकार्पण करने वाले है। मुख्यमंत्री अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को सौंप गए हैं उन्हें ही पूरी जानकारी नहीं है। वहीं इसके दिगर एक और दृश्य देखने को मिली जिसमें बिल्हा क्षेत्र के जनपद उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ने पूरे कार्यक्रम के फ्लॉप होने की भविष्यवाणी कर डाली है। इनका तर्क है कि राज्य सरकार ने गौठान निर्माण के कार्य तो कराये हैं लेकिन, सरपंचों का कोई भी भुगतान नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ प्रशासनिक दबाव बनाया गया कि से समय पर कार्य पूरा करें। ऐसे में अब गौठान निर्माण की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा है। इनकी माने तो सरकार का ये प्रोजेक्ट फेल हो सकता है।कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार चाहे कितने भी दावे कर ले, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती हैं। कलेक्टर को पूरी जानकारी नहीं है और जिसने निर्माण किया है उसे ही इसके फेल हो जाने की भविष्यवाणी करनी पड़ रही है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा गरवा घुरवा और बारी का आखिरकार क्या होता है…?!

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