छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में भारी भ्रष्टाचार, दोषी अधिकारी को मिल रहा है राजनैतिक संरक्षण। निर्दोष पर हो गई कार्यवाई।

0 छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में भारी भ्रष्टाचार।

0 दोषी अधिकारियों को मिल रहा राजनैतिक संरक्षण।

0 कार्यवाई के नाम पर कार्य से किया पृथक।

0 कार्यवाई की गाज गिरी निर्दोष अधिकारी पर।

0 दस्तावेज उजागर करते हैं पूरी कहानी।

0 किसके कार्यकाल में हुआ कितना भ्रष्टाचार।

0 किस अधिकारी को बचाने का किया जा रहा है प्रयास।

रायपुर। “गलती किसी की और कार्रवाई किसी पर” कुछ ऐसा ही छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में हुआ है। जहां सूरजपुर के जजावल स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के बालक आश्रम के निर्माण कार्य में हुई लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा तत्कालीन ई ई आर.के. राठौर को भुगतना पड़ रहा है। यहां 50 छात्रों की क्षमता वाली इस छात्रावास में भवन निर्माण, अतिरिक्त जलप्रदाय, स्वास्थ्य रक्षक, और विधुतीकरण के कार्य मे भारी लापरवाही हुई है। जबकि पूरी गलती निर्माण कार्य के दौरान ई. ई. रहे अजीत पटेल की गलती बताई जा रही है। गौरतलब है कि, विभाग में उनके जितना मालदार और कोई नहीं ।

आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो ने पहले ही उन पर कार्रवाई की है। इतना ही नही अजित पटेल की पिछली भाजपा सरकार में ऊंची पहुंच है। लिहाजा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने उन पर कार्यवाही के नाम पर केवल उन्हें कार्य से पृथक कर दिया गया है। जबकि लापरवाही औऱ भ्रष्टाचार के स्पष्ट मामले में उन्हें सस्पेंड कर दिया जाना चाहिये था। लेकिन फिर भी मौजूदा कांग्रेस सरकार में भी अजित पटेल को भरपूर राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इन सब के बावजूद छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त की कार्रवाई की गाज आर.के. राठौर पर ही गिरी है। जो गलत प्रतीत हो रहा है। विभागीय दस्तावेजों पर नजर डालें तो यह साफ हो जाता है कि, किस तरह से गृह निर्माण मंडल के विभिन्न प्रोजेक्ट और गृह निर्माण के दौरान भारी भ्रष्टाचार हुआ। जिसकी वजह से घटिया निर्माण क्वॉलिटी और कई तरह की अनियमितता देखने को मिली। विभाग को इस अनियमितता के विरुद्ध कार्रवाई करना था लिहाजा किसी को भी बलि का बकरा बना दिया गया। तत्कालीन एक्सएक्टिवे इंजीनियर आरके राठौर ने इस पूरे मामले में चुप रहने में ही अपनी भलाई समझी है। लिहाजा वे खुद इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। रही बात हाउसिंग बोर्ड के आला अधिकारियों की तो भला उनको किसका डर हो सकता है । कार्रवाई करनी थी शो कर दी, अब आगे अधिकारी साबित करते रहे कि वह भ्रष्ट और लापरवाह नहीं है।

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