बिलासपुर में बढ़ने लगी है आगजनी की घटना, निगम का फोकस केवल कॉमर्सियल बिल्डिंग पर।सरकारी दफ्तरों पर नही होती कोई भी कार्यवाही।

बिलासपुर। शहर में हो रही आगजनी की बढ़ती घटनाओं से सीख लेकर नगर निगम सुरक्षा के लिए कमर्शियल कंपलेक्स के जांच कर रही है। निगम ने फायर फाइटर को लेकर गंभीरता दिखाते हुए टीम का गठन भी किया है। यह टीम कमर्शियल कंपलेक्स में जाकर उनकी सुरक्षा की जांच कर रही है और अग्निशमन यंत्रों की जांच भी कर रही है। इन कमर्शियल कंपलेक्स और इंस्टिट्यूट में सुरक्षा मापदंड नहीं होने पर नोटिस भी देने की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल गुजरात के सूरत में हुई आगजनी की घटना में बहुत सी मानवीय क्षति हुई। इसके बाद बिलासपुर में भी कई जगह आगजनी की घटनाएं सुर्ख़ियों में बनी रही। जिसे लेकर नगर निगम प्रशासन भी दबाव में था। नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पांडे ने बताया कि शहर में आगजनी के मामले बढ़ते जा रहे हैं इसे देखते हुए चारों जोनों में टीम का गठन किया गया है जो कमर्शियल कंपलेक्स और कोचिंग इंस्टीट्यूट में फायर अग्निशमन यंत्रों की जांच करेगी। सुरक्षा मापदंड में कमी पाए जाने पर नोटिस के माध्यम से संचालकों को हिदायत भी दी जाएगी, अगर 15 दिन के अंदर संचालकों ने व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो संस्थानों में सील बंदी की कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम के इसे सख्त रवैये से बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। अब देखना होगा निगम प्रशासन के इस फरमान को कब तक मोटी आमदनी देने वाले यह संचालक अमल में लाते हैं। वहीं निगम प्रशासन इन पर कड़ी कार्रवाई कर पाता है कि नहीं?

सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सिम्स में कई बार हो चुकी है आगज़नी।

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