आश्रम छात्रावासों में सोशल आडिट करने हेतु काॅलेज के छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया।

सहजता और गुणवत्ता के साथ करें सर्वे-कलेक्टर

बिलासपुर । जिले के 188 आश्रम छात्रावासों में सोशल आडिट कराने के लिये दिये जा रहे प्रशिक्षण के अंतिम दिन आज महाविद्यालयों में अध्ययनरत मनोविज्ञान एवं समाज शास्त्र के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग भी इस प्रशिक्षण में शामिल हुये। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सहजता के साथ गुणवत्तापूर्ण सर्वे करने हेतु उन्होंने छात्रोें को मार्गदर्शन दिया।
जल संसाधन कार्यालय परिसर स्थित प्रार्थना भवन में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह पहला मौका है जो इस तरह के सर्वे से विद्यार्थी जुड़ रहे हैं। यह काॅलेज के प्रोजेक्ट के लिये किये जाने वाले सर्वे से अलग तरह का सर्वे है। जिसमें बहुत संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है। सावधानी के साथ प्रश्नावली भरना होगा। सहज वातावरण बनाकर सुविधाजनक रूप से छात्रावासी बच्चों से बातचीत की जाये। एटीट्यूड व व्यवहार बच्चों के अनुकूल हो जिससे वे खुलकर अपनी बातें बता सकेंगे।
कलेक्टर ने प्रशिक्षार्थी छात्रों से कहा कि वे समाज से जुड़ेंगे तभी समझेंगे कि समाज के अन्दर क्या हो रहा है। यह समाज के हित का कार्य है, इस तरह के कार्य करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता। आप गर्व से बता सकेंगे कि आपने यह कार्य किया है। उन्होंने छात्रों से अपेक्षा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी जा रही है उसे अच्छी तरह पूरा करेंगे।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डाॅ.रेशमा खान ने प्रशिक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पश्चात् टीम बनाई जायेगी। सभी संस्थाओं का सर्वे करने के लिए कुल 50 टीमें बनाई जायेेंगी। हर टीम में 03 सदस्य होंगे। प्रत्येक टीम 04 संस्थाओं का सर्वे कर रिपोर्टिंग करेगी। सर्वे का कार्य फरवरी के पहले हफ्ते से प्रारंभ किया जायेगा। प्रश्नावली भरे जायेंगे और अन्त में टीम को सुझाव भी देना होगा।
पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर के मनोविज्ञान विभाग से जुड़ी सिमी श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को रोचक तरीके से प्रशिक्षण दिया। सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण मंे भाग लिया।
क्रमांक 1244/अग्रवाल
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