मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन करने वालों को पुलिस ने जमकर पीटा, कांग्रेसियों ने फेंका कचरा

बिलासपुर. बिलासपुर शहर के विधायक और मंत्री अमर अग्रवाल के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस के लाठी चार्ज का सामना करना पड़ा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जितना बल प्रयोग किया कांग्रेसियों की मानें तो उसकी जरूरत नहीं थी वही पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी की जमकर आलोचना की पुलिस की बर्बरता और अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले कांग्रेसियों ने इसे दमनकारी शासन का एक चेहरा और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है.

दरअसल पूरा मामला कुछ इस तरह का है की विधायक और मंत्री अमर अग्रवाल ने कुछ दिनों पहले अपने एक सार्वजनिक मंच से दिए भाषण में कांग्रेस को कचरा करार दिया था मंत्री के इस बयान के बाद बिलासपुर जिले के कांग्रेसियों ने इसकी जमकर निंदा की बयानबाजी के पलट बयानबाजी का दौर चला लेकिन कांग्रेसी इतने से रुके नहीं उन्होंने एक विरोध की योजना बनाई और कूड़ेदानों में ढेरों कचरा लेकर मंत्री के बंगले का घेराव करने पहुंच गए इसकी सूचना पुलिस को दी थी लिहाजा मंत्री के निवास स्थान तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेट्स लगाए गए पुलिस तैनात किए गए जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी प्रदर्शनकारी मंत्री अमर अग्रवाल के निवास स्थल के आसपास भी ना पहुंचे इन सबके बावजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के जोश और विरोध की रणनीति इतनी पुख्ता थी कि वह मंत्री जी के बंगले के करीब पहुंच ही गए और उन्होंने सारा कचरा रास्तों पर उड़ेल दिया। इस बीच पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच काफी जोर आजमाइश हुई । मामला नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजी हालांकि यह लाठियां हवे में चलाई गई थी लेकिन फिर भी कुछ एक कांग्रेसियों को इससे बड़ी चोट लग गई इस बीच कांग्रेसी कार्यकर्ता और पुलिस कर्मियों के बीच संघर्ष बढ़ गया और आखिरकार पुलिस को पूरी ताकत से इस प्रदर्शन को रोकना पड़ा । पुलिस ने जो बल प्रयोग किया उसके कुछ तस्वीर आप देख सकते हैं.

इन तस्वीरों को देखकर यह साफ हो जाता है कि पुलिस ने लाठीचार्ज करते वक्त जरा भी रहम नहीं दिखाई । कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जहां पीट-पीटकर बेहाल कर दिया वही युवाओं को तितर बितर करने के लिए बेतरतीब ढंग से लाठियां भांजी गई। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर न सिर्फ प्रदर्शनकारी नाराज हैं बल्कि इस बीच इस पूरे प्रदर्शन को कवर करने वाले कुछ मीडियाकर्मी और पत्रकारों को भी इससे नाराजगी है।

दरअसल प्रदर्शनकारियों और मीडिया कर्मियों के बीच फर्क नहीं कर पाने वाले पुलिस के जवानों ने बल प्रयोग करते वक्त पत्रकारों पर भी हमला कर दिया कुछ एक मीडिया कर्मी को गंभीर चोट आई वहीं कुछेक को मामूली  चोटें आई । इस बीच नाराज मीडियाकर्मी और पत्रकारों ने पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर इस पूरे मामले की शिकायत की । साथ ही मीडिया कर्मियों के काम के दौरान पुलिस के हस्तक्षेप और उन्हें उनके काम से रोकने का प्रयास किए जाने की शिकायत पी की गई ।  पुलिस विभाग ने मीडिया की इन शिकायतों को इतनी गंभीरता से नहीं लिया है अलबत्ता मामला यह कहते हुए आगे बढ़ा दिया गया की इसकी जांच की जाएगी. दुष्कर्मियों के बल प्रयोग और कांग्रेसियों के द्वारा इस तरह के विरोध प्रदर्शन के बाद गौ प्रदेश कोंग्रेस और उनके बड़े नेताओं में भी आक्रोश है आखिरकार  लोकतंत्र में इस तरह की तानाशाही कैसे बर्दाश्त की जाएगी कांग्रेसियों ने इस पूरे घटना का जमकर विरोध किया है उन्होंने तय किया है कि पुलिस अगर अपने व्यवहार में परिवर्तन नहीं लाती अथवा पुलिस विभाग दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करता तो उनका प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा दमन की राजनीति कांग्रेसियों को कभी भी बर्दाश्त नहीं होगी.

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