BSP लिपिक हड़ताल आठवा दिन, आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार

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प्रदेश भर मे लिपिकों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। जिसे लेकर शासकीय कर्मचारियों ने वेतन वविसंगति की मांग करते हुए  बिलासपुर जिले में हड़ताल शुरू कर दिया हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्री मांगे रखी।
बिलासपुर। मालूम हो कि प्रदेश समेत बिलासपुर के लिपिक भी 7 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लिपिकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दो सूत्रीय मांग को पूरा करने का लगातार दबाव बनाया है। संघ नेता सुनील यादव  के अनुसार लिपिकों का वेतन एक चपरासी से भी कम है। राजस्थान मा़डल के अनुसार यदि छत्तीसगढ़ सरकार कदम उठाए तो समस्या खत्म हो जाएगी।
लिपिकों  के आंदोलन को समर्थन देने कुछ राजनीतिक पार्टियां भी मोवजूड होने लगी हैं। मुंगेली नाका चौक स्थित ग्रीन गार्डन पहुंचकर युवा नेताओंं ने लिपिकों की दो सूत्रीय मांगो का समर्थन भी किया। कांग्रेस युवा नेता जावेद मेमन ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जन के साथ कर्मचारी विरोधी  है। प्रदेश भर के लिपिक वेतन विसंगति मांगो को लेकर आंदोलन कर रहे है। जबकि उनकी मांग जायज है। लेकिन सरकार अपने कर्मचारियों पर दमन कारी रवैया अपना रही है। लिपिको कि गिरफ्तारी हो रही है।
जावेद मेमन  ने कहा  कि लिपिको की मांग 15 साल पुरानी है। हर चुनाव में भाजपा के लोग मांग पूरी करने का आश्वासन देते हैं। लेकिन सरकार में आते ही भूल जाते हैं। युवा कांग्रेस लिपिकों की मांग को जायज मानते हुए सरकार के रवैये का विरोध करता है। और कहा कि जिला प्रसाशन ने लिपिको के आंदोलन के लिए जगह नही दिया । कर्मचारियों का पंडाल उखाड़ा गया। गिरफ्तारी की कोशिश हुई। इससे जाहिर होता है कि सरकार का अपने कर्मचारियों के प्रति क्या रवैया है। लिपिकों की मांग हर हालत में पूरी होनी चाहिए। आंदोलन के लिए जिला प्रशासन ना केवल जगह दे बल्कि रैली निकालने की भी अनुमति दे।

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