नीतीश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया – इन 10 वजहों से टूटा महागठबंधन

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नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद पहली बार मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने पिछले दिनों महागठबंधन के टूटने और बीजेपी के साथ जुड़ने पर साफगोई से अपनी बात रखी.

 

पटना: नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद पहली बार मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने पिछले दिनों महागठबंधन के टूटने और बीजेपी के साथ जुड़ने पर साफगोई से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पूरी क्षमता के साथ गठबंधन चलाने की कोशिश की लेकिन राजद की तरफ से कई बार आपत्तिजनक बयान आए. तेजस्वी मामले में आरजेडी द्वारा चुप्पी साध लेने पर मेरे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था. यही गठबंधन टूटने की अहम वजह रही.

नीतीश कुमार ने क्या कहा :

उन्होंने कहा कि जेडीयू की नीति रही है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं. हमारा तेजस्वी से कहना था कि वह अपने मामले में सफाई दें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

लालू अपने बेटे का बचाव करते रहे. मेरे ऊपर सवालिया निशान थे. फर्जी कंपनियों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी.

तेजस्वी से मुलाकात में भी मैंने कहा था कि आरोपों पर सफाई दें लेकिन वे सीबीआई के आरोपों पर सफाई देने को तैयार नहीं थे.  

जेडीयू के किसी नेता ने लालू यादव के खिलाफ बयान नहीं दिया. लालू ने कभी मुझसे बात नहीं की.

26 जून को जब आरजेडी ने अपना पुराना राग अलापा तो मैंने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया. मेरे मन मे ये बात आई कि ये सरकार चलाना संभव नहीं है.

मैंने लालू और सीपी जोशी से साफ कह दिया कि ये सरकार चलाना संभव नहीं है.

पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुझसे कहा कि अब निर्णय लें, जेडीयू के सभी विधायकों ने मेरे फैसले का समर्थन किया.

इस्तीफा देने से पहले मैंने लालू से बात की. बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने मुझसे बात की. मैंने जेडीयू नेताओं से इस मुद्दे पर बात की जेडीयू विधायकों ने भाजपा के साथ गठबंधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

धर्म निरपेक्ष के मुद्दे पर मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं. बीजेपी के साथ पिछली सरकार में अल्पसंख्यकों के लिए काफी कम काम हुए.

हम जुबान से कम बोलते हैं, काम ज्यादा करते हैं. जो सेक्युलिरिज्म की बात करते हैं, वो काम भी तो करके दिखाएं.

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