बुराड़ी केस : दुख में डूबा फैमिली का बेस्ट फ्रेंड ‘जैकी’, छोड़ा खाना-पानी

दिल्ली में बुराड़ी इलाके के संत नगर में एक ही परिवार के 11 सदस्यों के शव बरामद होने से लोग सदमे में हैं। भाटिया परिवार के करीबी लोगों जहां शोक में डूबे हैं वहीं उनका पालतू कुत्ता ‘जैकी’ भी अपने मालिकों को खोकर बेहद दुखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जैकी रात को परिवार के लोगों के साथ खेलने के बाद ही सोने जाया करता था। घर वाले उसे तब अपने पास लाए थे जब वह एक छोटा पिल्ला था। जैकी की पहचान मुहल्ले में गुस्सैल कुत्ते के रूप में थी क्योंकि वह किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर आस-पास तक नहीं आने देता था। 

 

शोक में डूबा ‘जैकी’

इंसान के साथ जानवरों का रिश्ता चाहे किसी प्रकार का हो लेकिन भावनात्मक रूप से लगाओ दोनों तरफ होता है दिल्ली जैसे शहर में इस तरह के हादसे के होने के बाद इस घटना और इस परिस्थिति में जैकी की वफादारी और उसकी भावनाओं की कद्र करना उन सबके लिए जरूरी हो जाता है बीते कुछ दिनों से एक पालतू पालतू जानवर ने ना तो खाना खाया और ना ही पानी पिया यह उसकी प्रति मालिक के प्रति लगाओ और क्या इनको दर्शाता है आधुनिकता के इस युग में जब परिवार छोटी होती जा रही है वहीं अब इस घटना ने जाहिर कर दिया कि परिवार में एक पालतू पशु की उपयोगिता क्या हो सकती है.


भाटिया परिवार की दुकान और घर चौकसी वफादारी के साथ करने वाला जैकी अब लोगों की भीड़ देखकर भौंक तक नहीं रहा। रविवार हो हादसे के बाद जब लोगों की भीड़ घर के अंदर गई तो जैकी कुछ नहीं बोला। लोगों ने जब जैकी को देखा तो छत पर लगे लोहे के जाल से नीचे की ओर देख रहा था। वह फांसी के फंदों पर लटके परिवार के लोगों को पाने की कोशिश कर रहा था।

पीड़ित परिवार के रिश्तेदार जब घर के अंदर पहुंचे तो कयास लगाया कि शायद घर वालों ने आत्महत्या करने से पहले जैकी को छत पर भेज दिया होगा। जबकि पड़ोसियों ने कहना था कि उन्होंने रात में एक बार कुत्ते के भौंकने की आवाज नहीं सुनी। ललित की दुकान में काम करने वाला शख्स जब घर पहुंचा तब जैकी ने थोड़ी प्रतिक्रिया दी। दुकान में काम करने वाले शख्स ने बाद में जैकी को पानी और खाना दिया लेकिन जैकी ने न तो पानी पिया और न ही खाना खाया।

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भाटिया परिवार के रिश्तेदारों को अब पता नहीं है किे जैकी का क्या होगा। एक रिश्तेदार ने मीडिया को बताया कि जैकी तभी खाना खाता था जब भूपी और ललित दुकान से घर लौटते थे। और सोने से पहले वह परिवार के सदस्यों के साथ खेला करता था। इस एक घटना के बाद से जैकी पहले से ज्यादा बीमार लग रहा है और खाना भी नहीं खता है. एक तरफ जहा पुलिस के लिए इस मामले को सुलझा पाना पहले ही मुश्किल है वही इस तरह से परिवार एक सदस्य की ही तरह शोकित इस डॉग और उसकी मासूम भावनाओं को लोगो के लिए नजरअंदाज कर अपना भी मुश्किल होता जा  रहा है.

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